Betul news: बुजुर्ग बेसहारा मानसिक रोगी की जलने से मौत, शव परिवहन के लिए ऑटो एंबुलेंस बनी सहारा

RAKESH SONI

बुजुर्ग बेसहारा मानसिक रोगी की जलने से मौत,

शव परिवहन के लिए ऑटो एंबुलेंस बनी सहारा

राख में दबे अधजले शव को नोच रहे थे कुत्ते

बैतूल। न्यायालय परिसर के सामने बीती रात एक बुजुर्ग की जलने से मौत हो गई। सुबह हुई सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव जिला अस्पताल पोस्ट मार्टम के लिए पहुंचाया। शव परिवहन के लिए वाहन न होने पर एक बार फिर ऑटो एंबुलेंस मददगार बनी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय बुजुर्ग मानसिक रोगी था।आसपास के दुकानदारों से मिलने वाले खाने पीने की सामग्री से ही उसका गुजारा होता था। यह बुजुर्ग रोजाना न्यायालय के सामने पुराने लोक अभियोजन कार्यालय भवन के बरामदे में सोता था l बीती रात उसके बिस्तर में आग लगने की वजह से यह उसकी मौत होना बताया जा रहा है। सोमवार की सुबह राख के ढेर में दबे बुजुर्ग के शव को कुत्ते नोच रहे थे इसी दौरान लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी।कोतवाली टी आई आशीष सिंह पवार ने बताया बुजुर्ग की पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नही मिले है।आसपास के दुकानदारों ने मृतक बुजुर्ग का नाम मंशाराम बताया है। श्री पवार ने बताया के बुजुर्ग मानसिक रूप से भी बीमार था और शहर में भटकते रहता था। अक्सर सड़क से पॉलिथिन, बॉटल और कचरा बीनकर अपने साथ लाता था। रात में ठंड अधिक होने की वजह से मंशाराम ने आग जलाई होगी और उसी आग की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। शव सुबह संदिग्ध अवस्था में जला हुआ मिला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

रियाजुद्दीन बने मंशाराम के लिए सारथी
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा संचालित ऑटो एंबुलेंस योजना से जुड़े ऑटो एंबुलेंस चालक रियाजउद्दीन शाह द्वारा शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। रियाजुद्दीन ने बताया सुबह 11 बजे उन्हे शव के संबंध में सूचना मिली। जिसके बाद समिति को सूचित करने के बाद वे मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शव को ऑटो एंबुलेंस के माध्यम से हॉस्पिटल पहुंचाया।

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बुजुर्ग बेसहारा मानसिक रोगी की जलने से मौत,शव परिवहन के लिए ऑटो एंबुलेंस बनी सहाराराख में दबे अधजले शव को नोच रहे थे कुत्तेबैतूल। न्यायालय परिसर के सामने बीती रात एक बुजुर्ग की जलने से मौत हो गई। सुबह हुई सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव जिला अस्पताल पोस्ट मार्टम के लिए पहुंचाया। शव परिवहन के लिए वाहन न होने पर एक बार फिर ऑटो एंबुलेंस मददगार बनी।प्राप्त जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय बुजुर्ग मानसिक रोगी था।आसपास के दुकानदारों से मिलने वाले खाने पीने की सामग्री से ही उसका गुजारा होता था। यह बुजुर्ग रोजाना न्यायालय के सामने पुराने लोक अभियोजन कार्यालय भवन के बरामदे में सोता था l बीती रात उसके बिस्तर में आग लगने की वजह से यह उसकी मौत होना बताया जा रहा है। सोमवार की सुबह राख के ढेर में दबे बुजुर्ग के शव को कुत्ते नोच रहे थे इसी दौरान लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी।कोतवाली टी आई आशीष सिंह पवार ने बताया बुजुर्ग की पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नही मिले है।आसपास के दुकानदारों ने मृतक बुजुर्ग का नाम मंशाराम बताया है। श्री पवार ने बताया के बुजुर्ग मानसिक रूप से भी बीमार था और शहर में भटकते रहता था। अक्सर सड़क से पॉलिथिन, बॉटल और कचरा बीनकर अपने साथ लाता था। रात में ठंड अधिक होने की वजह से मंशाराम ने आग जलाई होगी और उसी आग की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। शव सुबह संदिग्ध अवस्था में जला हुआ मिला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

ऑटो एंबुलेंस ने किया 31वें शव का परिवहन, विधायक हेमंत खंडेलवाल देते है प्रोत्साहन राशि

ऑटो एंबुलेंस योजना की संचालक गौरी पदम ने बताया कि ऑटो एंबुलेंस के माध्यम से यह
31वा शव परिवहन किया गया है। शव परिवहन पर संस्था के संरक्षक, विधायक हेमंत खंडेलवाल द्वारा 1 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि ऑटो एंबुलेंस चालक को प्रदान की जाती है।गौरतलब है कि ऑटो एंबुलेंस जिले में भलाई की सप्लाई के रूप में पहचान बना चुकी है।वर्ष 2016 से जिले में संचालित योजना के माध्यम से अब तक 900 से अधिक घायलों को ऑटो एंबुलेंस चालको ने हॉस्पिटल पहुंचाया वही 31 शव अब तक परिवहन किए जा चुके है।

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