बैतूल जिले की काष्ठकृतियों से सजा चित्रकूट का ग्रामोदय मेला
सारनी। चित्रकूट में भारत रत्न नानाजी देशमुख की 106 जयंती के अवसर पर दिनांक 9 अक्टूम्बर 2022 से प्रारंभ चार दिवसीय शरदोत्सव एवं ग्रामोदय मेला का उदघाटन कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा सुबह 9:30 बजे दीन दयाल शोध संस्थान में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मेले में आमंत्रित उत्तरप्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि दो प्रांतों को सीमाओं में रहकर ग्रामोदय से राष्ट्रोदय का सपना साकार हो रहा है। यह काम भारत रत्न नानाजी ने शुरू किया था , जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री राजेंद्र सिंह , शेखावत ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये जरूरी है कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जाये। आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने के लिए । दीनदयाल शोध संस्थान रोल मॉडल प्रदान कर सकता है । इस मेले में पूरे मध्यप्रदेश से करीब बीस हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी अपनी कलाकृतियां सजा सज्जा समाग्रियो विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन किया जिसमें बम्बू आर्टस भरवा शिल्प जूट से बनी समाग्रिया खाने के विभिन्न उत्पाद पत्थर से बनी मुर्तिया इत्यादि प्रमुखरूप से प्रदर्शित किये गये । गौरतलब बात यह है कि इसमें आकर्षक का प्रमुख केन्द्र बैतूल जिले की काष्ट शिल्प की कलाकृतियां रही , बगडोना के काष्ठ शिल्पकार श्री राजेन्द्र प्रजापति ने अपने शानदार बुडेन जार्टस से लोगों का ध्यान खीचा वही दूसरी तरफ चोपना क्षेत्र के काचशिल्पकार श्री अनिल विश्वास ने अपने परम्परागत काष्ठशिल्प शैली से लोगों के बीच में अपनी अच्छी छाप छोड़ी है । चार दिनों तक चले सुरेंद्र पाल ग्रामोदय मैदान मेले का समापन दिनांक 12 अक्टूम्बर 2022 को हुआ।