ग्राम मंगोनाकला ब्लॉक पट्टन में बाबा साहब अम्बेडकर ओर बहुजन महापुरुषों के विचारधारा का प्रसार करते हुए भीम आर्मी संगठन का विस्तार किया गया

RAKESH SONI

 ग्राम मंगोनाकला ब्लॉक पट्टन में बाबा साहब अम्बेडकर ओर बहुजन महापुरुषों के विचारधारा का प्रसार करते हुए भीम आर्मी संगठन का विस्तार किया गया

 

मुलताई। ब्लॉक पट्टन के मंगोना ग्राम में भीम आर्मी संगठन की ग्रामीण कार्यकारिणी गठित की गई । उत्त कार्यक्रम में बुद्ध फूले साहू अम्बेडकर के विचारों से सभी लोगो को अवगत कराया। इसी तारतम्य में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ झरबड़े की अनुमति प्राप्त कर भीम आर्मी जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र कापसे, उपाध्यक्ष अनिल पाटिल जी के द्वारा राजेंद्र नागले को ग्राम अध्यक्ष,राकेश गांठे उपाध्यक्ष,सुखदेव साहू सचिव, संयोजक पंकज मनोरे,सह संयोजक वीरेंद्र बचलेसाथियों को कार्यकारणी में पद दिए गए, जिला उपाध्यक्ष अनिल पाटिल ने बताया की देश का प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा की उम्मीद संविधान से कर सकता है। भारतीय संविधान का प्रस्तावना यह पुष्टि करती है की भारत अपने सभी नागरिकों की रक्षा करेगा। भारतीय संविधान लोगों को न्यायधीक सामाजिक आर्थिक तथा राजनैतिक आजादी की विचारधारा अभिव्यक्ति की विश्वास तथा पूजा आराधना स्थितियों और अवसरों की समानता का अधिकार प्रदान करता है। सामान्य गारंटी के अतिरिक्त राज्य नागरिकों के बीच धर्म जाति नस्ल आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा। संविधान अस्यपृश्यता को किसी भी रूप में मान्यता नहीं प्रदान करता है। एक सामाज आनेको सामाजिक व्यवस्था या तंत्र तथा संस्थाओं को जन्म देता है ताकि यह सुचारू रूप से कार्य कर सकें ऐसी व्यवस्था है सांस्कृतिक के विकास तथा एक दूसरे के प्रति मानवीय व्यवहार को प्रभावित करता है। सामाजिक आर्थिक राजनैतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में विभिन्न क्रियाकलापों के दौरान अनेकों संस्थाएं अस्तित्व में आई संस्था को विशेष कार्य के संपादन के उद्देश्य से विकसित किया गया। सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था में कई प्रकार के विवादित वर्ग सभी समाज में देखने को मिले कुछ वर्ग जो आर्थिक रूप से ज्यादा संपन्न हैं तथा इस प्रकार के वर्ग अन्य वर्गों पर अपना नियंत्रण रखते हैं वह लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं उन्हें वर्तमान निर्धारित परिस्थितियों में अच्छा जीवन जीने का अधिकार नहीं होता गरीब परिवार इस स्थिति में नहीं है कि वह अपने बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं अन्य प्रकार की मूलभूत व्यवस्था कर सके तथा उन्हें स्वतंत्र रूप से विकास के सभी अवसरों को उपलब्ध करवा सके। हमारे देश की वर्तमान सामाजिक व्यवस्था ने लोगों को अलग-अलग जातियों में विवादित कर रखा है कुछ जातियां आर्थिक और सामाजिक रुप से संपन्न हैं तथा ये अन्य जातियों पर अपना प्रभुत्व कायम रखती है कई देशों की सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करती है धर्म भी एक दूसरे के साथ निहित स्वार्थ एवं भेदभाव के आचरण को बढ़ावा देने में मदद करता है। राजनैतिक व्यवस्था ने भी शासक वर्ग पैदा किया है सरकार की विभिन्न संस्थाएं जिन्हें कानूनों को क्रियावंतित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है आपने अवांछित क्रियाकलापों के द्वारा कानूनों का उल्लंघन करते नजर आते हैं। इस तरह की स्थितियों में एक व्यक्ति अपने बोलने के अधिकार संगठित होने के अधिकार कार्य करने के अधिकार और यहां तक की अपना जीवन जीने की स्वतंत्रता के अधिकार को भी खो देता है व्यक्ति के साथ नस्ल आर्थिक स्थिति धर्म भाषा आदि के आधार पर भेदभाव देखने को मिलता है एक व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से थाने में रोका एवं प्रताड़ित एवं परेशान किया जाता है यहां मानवाधिकार का उल्लंघन के अन्य दूसरे ऐसे उदाहरण भी देखने को मिल सकते हैं,भीम आर्मी संगठन हमेशा सभी वर्गों के हित के लिए निरंतर कार्य करता है।इस अवसर पर जयदेव साहू, शंकर मनोहरे,दिनेश गुजरे, गौरव नागले एवम ग्राम के जागरूक साथी सम्मिलित हुए।

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