प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सराहनीय कार्य किया – क्षेत्रीय महामंत्री।
सारनी।मध्यप्रदेश शासन के मुख्य मंत्री डाक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालने के बाद असंगठित क्षेत्र के लिए पहली बार धरातल पर कार्रवाई कर सरकार की प्रतिबध्दता दिखाई है। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि हाल ही में प्रदेश के श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने 1 अप्रेल 2024 से औद्योगिक क्षेत्र के असंगठित कामगारों को वेतन में 25% वृद्धी कर भुगतान देने के आदेश जारी कर दिए है। यूनियन ने मांग की है कि जिन श्रमिकों का ईपीएफ काटा जाता है। उन्हें नियमित किया जाए। ठेकेदार बदल जाने के बाद भी स्थायी रखते हुए मेडिकल फैसिलिटी और महिलाओ को मातृत्व लाभ अनिवार्य रूप से दिया जाए। सभी श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश सवैतनिक दिया जाए। शासन की अनेक महत्वपूर्ण योजनायें हैं , लेकिन उनका पालन पूरी तरह नहीं हो पाता है। वर्तमान में असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों का शोषण खुल कर किया जाता है ,लेकिन श्रम विभाग और संबंधित जिम्मेदार कार्यालय मौन धारण कर लेते है। जिसके कारण ठेकेदार लखपति बनते जा रहे हैं ओर दूसरी श्रमिक संघर्ष कर अपना जीवन यापन करने को विवश है।मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी में भी नियमित कार्य के लिए ठेका प्रथा प्रचलित की गई है। कॉन्टैक्ट लेबर एक्ट 1970 अधिनियम के तहत समस्त श्रमिकों को भुगतान समय पर निश्चित दिनांक को भुगतान बैंक के माध्यम से दिया जाए। संगठन के जानकरी में आया है कि अभी भी भुगतान नगद दिया जाता है जो सरकारी रेट से कम दिया जाता है। यूनियन ने छोटे छोटे कार्य के ठेकों को स्थानीय स्तर पर देने की मांग की है। आन लाइन के कारण ठेकेदार ग्वालियर – जबरदस्त में रहते हैं और यहां उनका काम देखने वाले इनचार्ज सारनी में काम करवाते हैं। सुविधा के नाम पर कुछ नहीं। मासिक वेतन महीने की दिनांक 10 से 15 तक करते हैं। वेसे सही दिनांक ठेका श्रमिक के बैंक पास बुक से मिल सकती है।इस संबंध में श्रम मंत्रालय को भी अलग से पत्र लिखकर विस्तृत से चर्चा भी की जाएगी।