सेवानिवृत्त कर्मचारीयो का योगदान सराहनीय है। समिती पारदर्शिता से काम कर रही है – ए के एस राठौड।

RAKESH SONI

सेवानिवृत्त कर्मचारीयो का योगदान सराहनीय है। समिती पारदर्शिता से काम कर रही है – ए के एस राठौड।

सारनी। सेवानिवृत्त कर्मचारीयों की उत्कृष्ट सेवाओं के कारण सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पहले भी अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं ,जिनका श्रेय सेवानिवृत्त हुए कर्मचारीयों के साथ ही कंपनी केडर के अधिकारी और कर्मचारीयो को जाता है। स्व सुरक्षा निधी समिती वर्तमान में पूरे मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में पारदर्शिता एवं समर्पण से काम कर रही है। हम सभी सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों ने समिती को समर्पण भाव से सहयोग करना चाहिए ।यह विचार ए के एस राठौड अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने सेवानिवृत्त हुए अधिकारी कर्मचारीयों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।आपने सभी सेवानिवृत्त हुए अधिकारी, कर्मचरियों के सुखद भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त हुए सभी अधिकारी , कर्मचारियों का पुष्प गुच्छ से समिति के सचिव अंबादास सूने स्वागत,अभिनंदन किया। समिती के सचिव अम्बादास सूने ने बताया वर्तमान में नियमित सदस्य के वेतन से अंशदान के रूप में 150/- रूपए समिती को प्राप्त हो रहे हैं। समिती नियमित सदस्य के आकस्मिक निधन पर आश्रित परिवार को रूपए 75 हजार का आर्थिक सहयोग तत्काल प्रदान कर रही है , साथ ही सदस्य के आई सी यू में एडमिट होने पर साठ हजार रुपए का आर्थिक सहयोग उपचार हेतु बिना ब्याज के दिया जाता है। जो सदस्य के वेतन से किश्तों मे कटौती कर समायोजित किया जात है। समिती के सचिव ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के पश्चात 56 सदस्यों ने समिती को अपनी राशि स्वेच्छा से समर्पित की है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह के नितीन नामजोशी कार्यालय सहायक श्रेणी -2 ने भी स्वेच्छा से अपनी राशि सेवानिवृत्त के बाद समिती को समर्पित करने की सहमति देकर सराहनीय कार्य किया है। श्री नामजोशी का रिटायरमेंट – 2028 में है। समिती सभी का अभिनंदन करती है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता ए के एस राठौड, राजेश सहारिया , ज्योति गायकवाड अधीक्षण अभियंता और जुलाई माह में सेवानिवृत्त हुए प्रकाश सजन रोकडे , मोहम्मद अयूब खान सहायक अभियंता सिविल, कमल जैन, किशोर कुमार सोनी,प्रभुलाल यादव,रामराव ठाकरे,रमेश जगदेव,जगदीश देशमुख, सुखराम भगत, ललित सिंह राजपूत, शिवशंकर राठौर सहित निर्मल प्रजापति, भगवान घानेकर उपस्थित थे।कार्यक्रम का कुशल संचालन गोपाल अरोरा ने करते हुए सभी का आभार प्रकट किया।

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