इन्टरनेशनल वर्ल्ड बुक रिकार्ड में बैतूल ने दर्ज कराया मध्यप्रदेश का नाम साऊथ एशिया पीस कॉन्फ्रेंस और इंडियन डांस फेस्टीवल में जिले के कलाकारों ने मचाई धूम

RAKESH SONI

इन्टरनेशनल वर्ल्ड बुक रिकार्ड में बैतूल ने दर्ज कराया मध्यप्रदेश का नाम

साऊथ एशिया पीस कॉन्फ्रेंस और इंडियन डांस फेस्टीवल में जिले के कलाकारों ने मचाई धूम

बैतूल। सेना के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए पूरे देश में प्रख्यात बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति ने करनूल में नया इतिहास रचा। समिति द्वारा इंडियन डांस फेस्टीवल में भाग लेकर न सिर्फ जिले की लोक संस्कृति से पूरे देश को अवगत कराया अपितु यहां आयोजित वर्ल्ड रिकार्ड में सहभागी बनकर मध्य प्रदेश का नाम भी इंटरनेशनल वर्ल्ड बुक रिकार्ड में दर्ज कराया। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति सेना की हौसलाअफजाई के लिये कारगिल युद्ध के बाद से सतत देश की अंतराष्टीय सरहदों पर रक्षा बंधन मनाने के लिये संकल्पित है। 20 साल बाद संस्था के 15 सदस्यों ने करनूल आंध्रप्रदेश में आयोजित पीस कान्फे्रंस एवं इंडियन डांस फेस्टीवल में भाग लिया।

यह इंटरनेशनल पीस कॉन्फेंस नृत्य ज्योति फाइन आर्ट डेवलपमेंट एसोसिएशन के संचालक डॉ केवी भार्गव द्वारा संस्था स्थापना की 23वी वर्षगांठ के अवसर पर 28 से 30 अप्रैल तक आयोजित की गई। समिति अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का 15 सदस्यीय दल 3 अप्रैल बैतूल पहुंचा। इस दल में बैतूल, आमला, प्रभातपट्टन, भैंसदेही(खेड़ली) एवं छिंदवाड़ा के सदस्य शामिल हुए।

जिले का लोकनृत्य वर्ल्ड रिकार्ड में हुआ शामिल

श्रीमती पदम ने बताया कि इंडियन डांस फेस्टीवल में वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज किया गया। जिसमें 11 प्रदेशों के 15 अलग-अलग लोकनृत्य की प्रस्तुति महज 30 मिनट में मंच पर की गई। प्रत्येक प्रस्तुति को दो मिनट का मौका दिया गया था। वर्ल्ड बुक रिकार्ड की टीम के सामने यह कार्यक्रम लाईव चला। मध्यप्रदेश, महाराष्ट, गोवा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्रप्रदेश, केरल, वेस्ट बंगाल, त्रिपुरा, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली, उड़ीसा, यूपी से कलाकारों के दल तीन दिवसीय कान्फ्रेंस में शामिल हुए। मध्यप्रदेश से 15 सदस्यीय दल ने भी वर्ल्ड रिकार्ड में भाग लिया और सफलतापुर्वक जिले के ढंढार लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति की तैयारी में जिले के लोक कलाकार महेश इंगले का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कान्फ्रेंस मेंं वंश कुमार पदम, रेणुका रत्नपारखी, प्रदीप निर्मले, प्रचिति कमाविसदार, रेखा अतुलकर, संध्या पवार, दुर्गा बोरवार,प्रज्ञा झगेकर, मेहरप्रभा परमार, आकृति परमार, ललित नारे, रेणुका उपासनी, नव्या अतुलकर एवं सरिता अतुलकर ने भाग लिया। तीन दिवसीय कार्यक्रम में नव्या अतुलकर, प्रज्ञा झगेकर, रेणुका उपासनी ने भरतनाट्यम, शिव तांडव सहित अन्य प्रस्तुति भी दी। मध्यप्रदेश की टीम लीडर श्रीमती पदम का आयोजक डॉ के वी भार्गव ने सोल्जर्स सिस्टर के रूप में देश के विभिन्न प्रान्तों से आये युवाओं व अतिथियों से परिचय कराया। मंच से नागपुर मंडल की पहली महिला कुली दुर्गा बोरबार के संघर्ष को भी बताया गया। कॉफ्रेंस के बाद करनूल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासतों की विजिट भी कराई गई।

दक्षिण एशिया के देशों के बीच मैत्री के लिए कार्य कर रहा साऊथ एशिया फेटरनिटी

समिति अध्यक्ष गौरी पदम साउथ एशिया फेटरनिटी की वरिष्ठ सदस्या है। उन्होंने बताया कि यह संस्था दक्षिण एशिया के नौ देशों के बीच मित्रता के लिए कार्य करती है। साउथ एशिया पीस कान्फ्रेंस में संस्था के प्रेसीडेंट सत्यपाल ग्रोवर सहित दीपक मालवीय, डॉ केवी भार्गव, चितरंजन साहनी, चित्रा सुकुमारन, ममता ओझा, रवि तेजा, रवि मोहंती, जगदीश सहित अन्य एक्जक्यूटिव मेम्बर्स एवं वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। मध्यप्रदेश की इस बड़ी उपलब्धी पर समिति के संरक्षक सदस्य मनीष दीक्षित, सचिव भारत पदम, सह सचिव ईश्वर सोनी, कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे, वरिष्ठ सदस्य नितिन वागद्रे, प्रीति सोनी, हर्षित पंडाग्रे, ललिता मानकर, नीलेश उपासे, लीना देशकर, अरुण सूर्यवंशी, माधुरी पुजारे, संगीता अवस्थी, शिवानी मालवीय सहित अन्य ने बधाई दी है। 

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