खैरवानी पंचायत ने नाबालिग आदिवासियों को भी मजदूरी का नहीं दिया वेतन।

चैनल ब्यूरो चीफ :- अयूब मंसूरी
सारनी। घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम पंचायत खैरवानी में दशरथ के खेत में कुआं खोदने गए मजदूरों की हजारों रुपए की राशि पंचायत सचिव ,रोजगार सहायक और सरपंच ने 3 वर्ष के पश्चात भी नहीं दिए। कई ग्रामीणों ने थाना सारणी आकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर अपनी मजदूरी के साथ ही नाबालिगों द्वारा भी कूप खनन कराने पर मामला दर्ज करने की मांग की। मामला तब प्रकाश में आया जब वरिष्ठ अधिवक्ता,स्वराज एक्सप्रेस के ब्यूरो चीफ अय्यूब मंसूरी खैरवानी पंचायत में पीएम आवास और शौचालय की जानकारी लेने पहुंचे थे तभी मेहंदीखेड़ा के कई ग्रामीणों ने उनकी मजदूरी दिलाने की मांग की तब श्री मंसूरी ने सभी से उनके द्वारा किए गए कार्य और उन्हें रुपए नहीं मिलने की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सारणी थाने आकर कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही की मांग की है
एक बार कुएं की खुदाई हो जाने के बाद कुआं धंस जाने की वजह से उसे दोबारा खुदवाया गया जिसमें करीब 15 लोगों की मजदूरी उनके खाते में जमा नहीं होने पर ग्रामीणों ने सारणी थाने में कलेक्टर के नाम का ज्ञापन में अपनी मजदूरी खाते में जमा कराने के साथ-साथ रोजगार सहायक ,सचिव और सरपंच के खिलाफ नाबालिगों से भी काम कराने पर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है । अपने आवेदन में ग्रामीणों ने बताया है कि जिस दशरथ के मेहंदी खेड़ा वाले खेत में कुआं निर्मित है वह अभी तक नियमानुसार पूर्ण भी नहीं बना है उसके आजू-बाजू सीमेंट का चबूतरा भी नहीं बना है और ना ही कुएं में पानी निकासी की रॉड और गिर्री लगी है। साथ ही जब 3 वर्ष पूर्व कुएं की खुदाई की गई थी उस वक्त कुआं तुरंत धंस गया था जिसे दोबारा खुदवाया गया था। उस वक्त दशरथ के खेत में काम करने के लिए पायल दर्शमा उम्र 16 वर्ष, सुनीता बोसाम उम्र 13 वर्ष, प्रदीप चंगरी उम्र 14 वर्ष ने भी खुदाई का काम किया था जिन्हें सचिव ,सरपंच और रोजगार सहायक ने भी सर्वे के दौरान कई बार देखा था लेकिन किसी ने भी उनकी उम्र नहीं पूछा था और नाबालिगों के काम करने पर उन्हें रोजगार सहायक द्वारा कहा गया था कि आपकी राशि आपका खाता नहीं होने पर आपके पापा मम्मी के खाते में राशि जमा कर दी जाएगी ,जो आज तक जमा नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से शीघ्र उनकी राशि दिलाने की मांग के साथ उचित कार्यवाही की मांग की है।