हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार संघ में गोष्ठी का किया आयोजन।

RAKESH SONI

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार संघ में गोष्ठी का किया आयोजन।

सारणी:- श्रमजीवी पत्रकार संघ सारनी द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शॉपिंग सेंटर स्थित राज एक्सप्रेस कार्यालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी पत्रकार दिवस पर गोष्ठी में वक्ता के रूप में नर्मदापुरम संभाग के संभागीय अध्यक्ष अब्दुल रहमान खान,जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह,मप्र पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम,शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त रमेश मालवीय ने अपने विचार व्यक्त कर पत्रकारों को संबोधित किया। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मप्र पावर इंजीनियर एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम ने उपस्थित सभी पत्रकारों को कलम एवं नोटबुक भेंट कर सम्मानित किया। जिसमें बैठक की शुरुआत में संभागीय अध्यक्ष अब्दुल रहमान खान ने बताया कि 30 मई 1826 से आज तक पत्रकारिता में हुए बदलाव उतार-चढ़ाव के बारे में पत्रकारों को अवगत कराया। 30 मई 1826 को हिन्दी भाषा का प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित होना प्रारंभ हुआ था। जब भारत में उर्दू, अंग्रेजी, बांग्ला और फारसी भाषा का प्रचार-प्रसार हो रहा था, तब हिन्दी भाषा के पाठकों को हिंदी समाचार पत्र की आवश्यकता हुई, अतः हिंदी के उत्थान के लिए किया गया यह एक प्रयोग था। इसीलिए इस दिवस को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मानते हैं। यह पत्र एक साप्ताहिक के रूप में कलकत्ता से प्रकाशित होना प्रारम्भ हुआ था। जबकि पहले समाचार को कागजों पर लिखकर बसों में लिफाफे के माध्यम से भर कर भेजना पड़ता था तब जाकर अगले दिन खबर अखबार में छपकर आती थी। लेकिन जैसे-जैसे परिस्थितियां बदलती गई समाचार प्रकाशन पर खबरों का माध्यम बदलता गया। एक मिनट में खबरें आपके मोबाइल पर होती हैं। श्रमजीवी पत्रकार संघ बैतूल के ज़िला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि मान्यता प्राप्त या गैर मान्यता प्राप्त पत्रकार,चाहे वह प्रिंट मीडिया से हों या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से हों या वेब मीडिया से सभी तरह के पत्रकारों की समस्याओ के समाधान के लिये प्रदेश स्तर पर जिले के अलग अलग जगहों से आवाज़ उठती रही है। और पत्रकारों से संबन्धित किसी भी समस्याओ के समाधान के लिये और संगठनिक रूप से मदद पहुंचाने के लिये हमेशा तत्पर रहती है। साथ ही आज के हिन्दी पत्रकारिता दिवस के महत्व तथा पत्रकारिता में हिन्दी के महत्व के विषय में प्रकाश डाला। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पावर इंजिनियर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के सभी पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि कई दशकों से हिंदी पत्रकारिता चली आ रही है। और ऐसे ही चलते रहना चाहिए। अगर आज पत्रकारिता नहीं होती तो जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं होता। आज पत्रकारिता आम जनता की आवाज बनती है। वैसे पत्रकार संविधान का चौथा स्तंभ है। शिक्षा विभाग की सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश मालवीय ने बताया कि पत्रकारिता समाज के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चौथा स्तंभ पत्रकारिता को ही माना गया है। मैं उस समय से समाचार पत्रों का अध्ययन करता हूं जिस समय हमारे मोहल्ले में एक दो समाचार पत्र आते थे। और हम बड़े शौक से समाचार पत्र को पढ़ने के लिए जाते थे। आज पत्रकारिता इतनी आगे बढ़ गई है आपको पल-पल की खबर आपको आपके मोबाइल पर मिल जाती है इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के जरिए। कार्यक्रम के अंत में श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष छविनाथ भारद्वाज ने अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों एवं अतिथियों का का आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ पत्रकार कालीदास चौरासे,विलास चौधरी,अय्युब मंसुरी,वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा,हेमंत रघुवंशी,ब्रजकिशोर भारद्वाज,अशोक बारंगे,संदीप झपाटे,राकेश सोनी,मुकेश बाबू सिंह,प्रवीण सोनी,दिनेश यादव उपस्थिति रहे।

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