3 माह के नन्हे शिशु मयंक की जिजीविषा शक्ति कोरोना पर पड़ी भारी डॉ घोरे के प्रयास लाये रंग मयंक ने जीती कोरोना की जंग

RAKESH SONI

3 माह के नन्हे शिशु मयंक की जिजीविषा शक्ति कोरोना पर पड़ी भारी डॉ घोरे के प्रयास लाये रंग
मयंक ने जीती कोरोना की जंग

बैतूल:- जिले में जहां कोरोना से जंग जीतने वालों में वयोवृद्ध और युवा सम्मिलित हैं वहीं 3 माह के नन्हे शिशु मयंक ने भी कोरोना की जंग जीत ली है।

मयंक पंडोले पिता श्री कैलाश पंडोले माता श्री काजोल पंडोले उम्र 3 माह निवासी ग्राम शिरडी विकासखंड मुलताई जिला बैतूल 18 अप्रैल 2021 को तेज बुखार की शिकायत के साथ गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय बैतूल में उपचार हेतु लाया गया। भर्ती के समय मयंक का बुखार 105.4 फेरेनहाइट, ह्रदय गति 170 प्रति मिनट, रेंडम ब्लड शुगर 117 एवं ऑक्सीजन का स्तर 60 प्रतिशत था | रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट किए जाने पर मयंक कोविड पॉजिटिव आया मयंक को नवीन कोविड वार्ड में भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया गया
जिला चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश घोरे द्वारा मयंक का पूरा उपचार किया गया | 20 अप्रैल 2021 को मयंक का बुखार कम होने लगा एवं मयंक को मां का दूध देने हेतु कहा गया | दिनांक 21अप्रैल 2021 को मयंक को पूर्ण स्वस्थ होने के उपरांत जिला चिकित्सालय बैतूल से छुट्टी दी गई | डिस्चार्ज होते समय मयंक का ऑक्सीजन स्तर 99 प्रतिशत था |

डॉ घोरे का कहना है कि आमतौर पर इतनी छोटी आयु के शिशुओं में इतनी जिजीविषा शक्ति नहीं देखी जाती जो नन्हे मयंक में थी | मेरे द्वारा पूर्ण प्रयास कर सम्पूर्ण उपचार देकर उसे स्वस्थ होने में योगदान दिया गया लेकिन शिशु का आत्मबल भी काबिले तारीफ़ रहा  मयंक के माता पिता एवं परिजनों ने रविवार को चर्चा में बताया कि अब मयंक पूरी तरह से स्वस्थ है |शासन द्वारा प्रदाय नि:शुल्क उपचार हेतु परिजनों द्वारा चिकित्सालय स्टॉफ एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया है |

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