सरस्वती शिशु मंदिर में गुरू नानक एवं रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई ।
सारनी। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में सिख पंथ के गुरु नानक की 552 वी जयंती प्रकाश पर्व के रूप में एवं झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई गई । कार्यक्रम के शुरूवात में मा सरस्वती एवं भारत माता का पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर पर मुख्य अतिथि नीता राठौड़ ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश हित में कार्य करने की आवश्यकता है।

स्वतंत्रता के लिए हजारों देशवासियों को अपना बलिदान देना पड़ा । सतपुड़ा सरस्वती शिक्षा समिति सारनी के अध्यक्ष अंबादास सूने ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वाधीनता के अमृत महोत्सव की जानकारी दी । स्वाधीनता संग्राम में लाखो देश वासियों ने अपना बलिदान दिया । हमे जो इतिहास पढाया जाता है वह पश्चिम के तथाकथित आधुनिक बुध्दिजीवियों ओर वामपंथी विचारधारा के इतिहासकारों ने षडयंत्र पूर्वक लिखा गया है। इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई के रूप में बहिनें भी तैयार थी। चित्र कला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसके पुरष्कार मुख्य अतिथि द्वारा दिये गये । इस मौके पर प्रताप सिंह राजपूत प्राचार्य ने भी अपने विचार व्यक्त किये । कार्य क्रम का संचालन अनीता कोसे ने किया ।