खामला में अवैध शराब के कारोबार पर जिला आबकारी विभाग की कारवाही संदेह के दायरे में 

RAKESH SONI

खामला में अवैध शराब के कारोबार पर जिला आबकारी विभाग की कारवाही संदेह के दायरे में 

भैंसदेही:- अवैध शराब के कारोबार जोर पर होने से भैंसदेही के खामला ग्राम में कोई अधिकारी देखने वाला सुनने वाला नहीं है

मध्यप्रदेश में जहरीली शराब के दर्जनों मामले प्रकाश में आ रहे हैं वही बैतूल जिले का आबकारी विभाग इन मामलों को लेकर सतर्क नजर नहीं आ रहा है भैंसदेही ब्लॉक की खामला पंचायत में अवैध रूप से महाराष्ट्र से शराब लाकर भारी मात्रा में ग्रामीणों को बेची जा रही है आश्चर्यजनक बात यह है कि इस प्रकार महाराष्ट्र से आने वाली शराब को खामला पंचायत की मुख्य सड़कों पर स्थित किराना एवं राशन एवम जनरल स्टोर की दुकानों से खुलेआम बेची जा रही है जिस पर आबकारी विभाग का किसी प्रकार का कोई भी अंकुश नहीं लग रहा है इस मामले में आबकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं होना दर्शाता है कि खामला में अवैध रूप से बिकने वाली शराब के कारोबार में कहीं ना कहीं विभागीय लोगों की मिलीभगत हो सकती है इस क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से शराब के ठेके ना होने से एक तरफ राज्य सरकार को राजस्व का करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है तो वही कुछ शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से ग्रामीण क्षेत्रों के भोले भाले लोगों को जहरीली शराब पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है सूत्रों के अनुसार खामला क्षेत्र में जहरीली शराब से कुछ लोगों की मौतें हो चुकी हैं किंतु आबकारी विभाग इस मामले में अवैध शराब कारोबारियों को मौन स्वीकृति प्रदान कर रहा है जिम्मेदार अधिकारियों की खामोशी पर भी क्षेत्र की जागरूक जनता ने कई सवाल उठाए हैं
जहरीली शराब बेचने वालों को अब आजीवन कारावास और फांसी दी जाएगी

. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने आज अधिकतम 10 साल की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मध्य प्रदेश कैबिनेट (Madhya Pradesh Cabinet) ने आज अमानक और जहरीली शराब (Poisonous Liquor) के निर्माण बिक्री को लेकर आबकारी कानून में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है

मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम में संशोधन के बाद अवैध शराब के कारोबार में लगे व्यक्तियों को फांसी और 50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान होगा. इसे लेकर आज कैबिनेटबैठक में सुझावों के लिए पेश किया गया, जिसे मंजूरी दे दी गई.
कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने के बाद अब इसे विधानसभा के पटल पर रखकर कानून की शक्ल दे दी जाएगी. 9 अगस्त से मध्यप्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है. फिलहाल अभी जो कानून मौजूद था, उसमें अनुपयुक्त मदिरा विक्रय का दोषी पाए जाने पर कम से कम 2 साल का कारावास, स्वास्थ्य को क्षति पहुंचने पर 2 साल का कारावास और मृत्यु के मामले में 10 साल तक की सजा हो सकती थी. वहीं 2 या उससे ज्यादा बार दोषी पाए जाने पर उम्र कैद तक की सजा हो सकती थी
जहरीली शराब से लगातार हो रही है लोगों की मौत
हाल ही में मध्यप्रदेश में अलग-अलग मामलों में जहरीली और अमानक शराब पीकर लोगों की मौत हुई थी. अक्टूबर 2020 में उज्जैन में 14, जनवरी 2021 में मुरैना में 12, बीते कुछ दिनों में मंदसौर में 6, खंडवा में 4 और इंदौर में 4 लोगों की मौत हुई थी
बोतलों पर लगेगा क्यूआर कोड
मध्यप्रदेश सरकार ने शराब की तस्करी और उसका अवैध कारोबार रोकने के लक्ष्य से शराब की बोतलों पर 20 से अधिक सुरक्षा मानक युक्त क्यूआर कोड वाले होलोग्राम लगाने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया
जहरीली शराब के कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहरीली शराब से लोगों की मौत गंभीर अपराध है. लिहाजा कानून में संशोधन कर अवैध शराब के कारोबार में लगे व्यक्तियों के लिए कठोरतम दंड का प्रावधान किया जाए. वहीं अवैध शराब के कारोबार में संलग्न व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कठोरतम कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की आवग रोकने के लिए सघन रूप से हर संभव प्रयास किए जाएं. इसके लिए संबंधित राज्यों से बातचीत करें

वर्जन

तहसील अधिकारी भादे सर जिनसे फोन से संपर्क किया तो उनका फोन बंद आया

वर्जन

सहायक जिला आबकारी बैतूल अधिकारी अशोक मोहरे जी

अगर ग्राम खामला में अवैध शराब बिक्री की जा रही है तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Share This Article
error: Content is protected !!