सामाजिक व्यवहार का परित्याग ही कोरोना महामारी से एकमात्र बचाव है, अन्यथा विनाश – डॉ.मोदी
सारनी:- आज संपूर्ण भारत में कोरोना महामारी की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है. हालात ऐसे हो गए कि केंद्रीय और राज्य सरकार का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है. मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वही महामारी की दूसरी लहर से अबतक पाथाखेड़ा सारनी क्षेत्र के करीब 5 लोगो की मृत्यु हो चुकी है।
जिले में कोरोना के बढ़ते महाप्रकोप और भययुक्त माहौल के देखते हुए डॉ.मोदी ने जनता से आग्रह किया है कि कोरोना काल के इस विकट परस्थिति में हमें धैर्य रखना होगा यह कठिन समय है सभी के लिये एकजुटता और आपसी सहयोग से ही हम इस अदृश्य बीमारी से जीत सकते हैं। साथ, सहयोग, सद्भाव व सकारात्मकता से ही इस बड़ी महामारी से लड़ा जा सकता है।
यदि यह महामारी बेलगाम हो गई तो यह ध्यान रहे कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ निजी अस्पतालों को मिलाकर भी हमारे पास पर्याप्त स्वास्थ्य संसाधन नहीं होंगे। इसलिए दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार में बदलाव कर तथा सावधानी एवं संयम बरतकर ही इस बड़े खतरे को टाला जा सकता है। खतरे के प्रति जागरूकता, संयम और संकल्प ही हमारे सम्मुख बचाव के विकल्प हैं
सरकार द्वारा लगातार इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस महामारी से निजात पा सकें। इसलिए यह हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि हम देश को रोगमुक्त कर सकें।